Indian Army Medals & Gallantry Awards-2021[Hindi]

Indian Army Gallantry Awards – भारतीय सेना वीरता पुरस्कार

परिचय:-

Indian Army Gallantry Awards यह पुरस्कार हमारे भारतीय सेना को उनकी बहादुरी और बलिदान के लिए दिया जाता है। हर सैनिक जब अपना प्रशिक्षण पूरा करके सेना में भर्ती होता है , तब से ही वो अपने कदम अंतिम यात्रा की ओर बढ़ा लेता है, हर भारतीय सेना का जवान वीर है वह अपने जीवन को देश एवं रेजिमेंट के लिए समर्पित कर देता है, हमे भारतीय होने का और भारतीय सेना पर गर्व है , जब भी देश बाह्य एवं आंतरिक दुश्मनों से युद्ध लड़ता है,तब बहादुर सैनिक अपनी जान दांव पर लगाकर देश की रक्षा करते हैं, इसी बहादुरी के लिए सैनिको के अदम्य वीरता (Gallantry) एवं युद्ध कौशल के लिए पुरस्कृत (Awarded) किया जाता है, आइए जानते हैं  भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Bravery Medals) के बारे में कब एवं किसको दिया जाता है,
         पदक सभी अवसरों पर नहीं पहना जा सकता है, इसलिए पदक केवल औपचारिक उद्देश्यों के लिए है।

List Of All Gallantry Awards [ Hindi ]

युद्धकालीन वीरता पुरस्कार

  1. परमवीर चक्र (PVC) 
  2. महावीर चक्र(MVC) 
  3. वीर चक्र (VRC) 

परमवीर चक्र (PVC)

परमवीर चक्र (PVC)
परमवीर चक्र भारत का सबसे उच्च कोटि का युद्ध के समय दिया जाने वाला भारतीय वीरता पुरस्कार (Indian Gallantry Awards) है

महावीर चक्र(MVC)

महावीर चक्र(MVC)
महावीर चक्र परमवीर चक्र के बाद दूसरा सबसे उच्च कोटि का युद्ध के समय दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Bravery Awards) है

वीर चक्र (VRC)

वीर चक्र (VRC)
वीर चक्र परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद तीसरा सबसे उच्च कोटि युद्ध के समय दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है

शांति समय वीरता पुरस्कार

  1. अशोक चक्र (AC)
  2. कीर्ति चक्र (KC) 
  3. शौर्य चक्र (SRC)

अशोक चक्र (AC)

अशोक चक्र (AC)
अशोक चक्र भारत का सबसे उच्च कोटि का शांति के समय दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है

कीर्ति चक्र (KC)

कीर्ति चक्र (KC)
कीर्ति चक्र अशोक चक्र के बाद दूसरे उच्च कोटि का शांति के समय दिया जाने वाला भारतीय वीरता पुरस्कार (Indian Army Bravery Awards) है

शौर्य चक्र (SRC)

शौर्य चक्र (SRC)
शौर्य चक्र अशोक चक्र और कीर्ति चक्र के बाद तीसरा सबसे उच्च कोटि का शांति के समय दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Bravery Awards) है.

युद्धकालीन विशिष्ट सेवा पदक

  1. सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM)
  2. उत्तम युद्ध सेवा पदक  (UYSM)
  3. युद्ध सेवा पदक (YSM) 

सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM)

सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM)
सर्वोत्तम युद्ध सेवा पुरस्कार भारत का सबसे उत्तम सैन्य भारतीय वीरता पुरस्कार (Indian Gallantry Awards) सम्मान है

उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM)

उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM)
उत्तम युद्ध सेवा पदक पुरस्कार भारत का दूसरा सबसे उत्तम सैन्य भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) सम्मान है

युद्ध सेवा पदक (YSM)

युद्ध सेवा पदक (YSM)
युद्ध सेवा पदक पुरस्कार भारत का तीसरा सबसे उत्तम सैन्य भारतीय वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) सम्मान है|

शांतिकाल में विशिष्ट सेवा पदक

  1. परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)
  2. अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)
  3. विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) 

परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)

परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)
परम विशिष्ट सेवा मेडल(PVSM) असामान्य क्रम की विशिष्ट सेवा को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है|

अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)
अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) असामान्य क्रम की विशिष्ट सेवा को सम्मानित करने के लिए दूसरा दिया जाने वाला भारतीय वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है|

विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)

विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)
विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) असामान्य क्रम की विशिष्ट सेवा को सम्मानित करने के लिए तीसरा दिया जाने वाला भारतीय वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है

विशिष्ट सेवा और वीरता पदक

  1. सेना मेडल (ARMY)(SM)
  2. नौ सेना मेडल (NAVY)(NM)
  3. वायु सेना मेडल(AIR FORCE)(VM)

सेना मेडल (ARMY)(SM)

सेना मेडल (ARMY)(SM)
सेना मेडल (ARMY)(SM) विशेष रूप से थल सेना (ARMY) को दिया जाने वाला Gallantry Awards है|

नौ सेना मेडल (NAVY)(NM)

नौ सेना मेडल (NAVY)(NM)
नौ सेना मेडल (NAVY)(NM) विशेष रूप से नौ सेना (NAVY) को दिया जाने वाला Gallantry Awards है|

वायु सेना मेडल(AIR FORCE)(VM)

वायु सेना मेडल(AIR FORCE)(VM)
नौ सेना मेडल (NAVY)(NM) विशेष रूप से नौ सेना (NAVY) को दिया जाने वाला Gallantry Awards है

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आइए इसके बारे में गहराई से जाने (LET'S GO DEEP INTO IT)

युद्धकालीन वीरता पुरस्कार (Wartime gallantry awards)

1. परमवीर चक्र (PVC)

परमवीर चक्र को पीवीसी नाम से भी जाना जाता है, परमवीर चक्र भारत का सबसे हाईएस्ट वोर टाइम मेडल भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है, यह पुरस्कार वोर टाइम के दौरान विशिष्ट वीरता अध्ययन साहस और सैनिक बलिदान के लिए दिया जाता है|
परमवीर चक्र का इंग्लिश अनुवाद भी wheel of the ultimate Brave है, और यह United States के Medal of Honor और United Kingdom के Victoria CROSS के बराबर है,
  परमवीर चक्र को 15 अगस्त 1947 से लागू कर दिया गया था परंतु आधिकारिक तौर पर इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई थी , परमवीर चक्र को सावित्री खनोलकर ने डिजाइन किया जो कि भारतीय सेना के सैनिक विक्रम खनोलकर की पत्नी थी
बनावट :-           अगर हम बात करें इसकी डिजाइन की तो परमवीर चक्र पीतल का गोलाकार मेडल है जिसका व्यास 1.735 इंच है
मेडल का आगे के भाग में राष्ट्रीय चिन्ह है जो कि वज्र की चार पत्तियों से घीरा हुआ है, वज्र हिंदू GOD इंद्र का हथियार है जो कि एक बलिदान का प्रतीक है क्योंकि वज्र को बनाने के लिए ऋषि दधीचि ने अपने जीवन का बलिदान दिया था,
मेडल के पीछे के भाग में हिंदी एवं अंग्रेजी में परमवीर चक्र लिखा गया है जो कि दो कमल के फूलों से विभाजित किया गया है
रिबन:-             परमवीर चक्र के साथ एक 32 mm लंबा बैंगनी रंग का रिबन भी होता है ,
                         इस पुरस्कार से सर्वप्रथम मेजर सोमनाथ शर्मा को सम्मानित किया गया था , जिन्होंने नवंबर 1947 में कश्मीर ऑपरेशन के दौरान दुनिया अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय दिया था,
यह पुरस्कार अभी तक 21 वीर सिपाहियों को दिया जा चुका है उनमें से 20 सैनिक भारतीय थल सेना से थे और एक भारत के वायु सेना के सिपाही थे, भारतीय वायु सेना के सिपाही निर्मलजीत सिंह सिकॉन एकमात्र ऐसे सिपाही है जिन्होंने परमवीर चक्र दिया गया है|

2. महावीर चक्र(MVC)

 महावीर चक्र को एमवीसी भी कहा जाता है जो परमवीर चक्र के बाद सेकंड उच्च कोटि का युद्ध के समय दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Award ) है, यह पुरस्कार दुश्मन की उपस्थिति में विशिष्ट वीरता के कार्यों के लिए दिया जाता है|
बनावट :-              अगर बात करें इसकी बनावट की तो महावीर चक्र स्टैंडर्ड चांदी का गोलाकार वीरता पुरस्कार (Bravery Awards) है , जिसके प्रथम भाग में पांच पॉइंटेड सितारे बने हुए हैं और सितारों के केंद्र में राष्ट्रीय चिन्ह अंकित किया गया है,  मेडल के पीछे के भाग में हिंदी और अंग्रेजी से महावीर चक्र लिखा गया है जो कि दो कमल के फूलों से विभाजित किया गया है |
रिबन:-                महावीर चक्र का रिबन आधा सफेद और आधा नारंगी रंग का है जिसकी लंबाई 3.2 सेंटीमीटर है
                            महावीर चक्र पुरस्कार से अभी तक 219 सैनिकों को सम्मानित किया जा चुका है

3. वीर चक्र (VRC)

वीर चक्र को बीआरसी के नाम से भी जाना जाता है वीर चक्र परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद तीसरा सबसे उच्च कोटि युद्ध के समय दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है,
                            वीर चक्र को हमारे भारत देश में 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया था यह पुरस्कार युद्ध भूमि में विशिष्ट वीरता और साहस का परिचय दिए जाने वाले सैनिकों को दिया जाता है|
बनावट :-             अगर हम बात करें इसकी बनावट की तो वीर चक्र 1-3/8 इंच गोलाकार चांदी का मेडल है , वीर चक्र के प्रथम भाग में पांच सितारे अंकित किए गए हैं जिनके केंद्र में एक चक्र के साथ राष्ट्रीय चिन्ह अंकित किया गया है
वीर चक्र के पीछे के भाग में हिंदी और अंग्रेजी में वीर चक्र लिखा गया है जो दो कमल के फूलों से विभाजित किया गया है
रिबन:-                   वीर चक्र के रिबन का रंग आधा गहरा नीला और आधा ऑरेंज सेफ्रॉन है जिसकी चौड़ाई 32 मिलीमीटर है

शांति समय वीरता पुरस्कार (Peacetime gallantry awards)

1. अशोक चक्र (AC)

अशोक चक्र भारत का सबसे उच्च कोटि का पीस टाइम पुरस्कार है , जो कि 4 जनवरी 1952 को अशोक चक्र क्लास-I के रूप में स्थापित किया गया था, और 27 जनवरी 1967 को इसका नाम बदलकर अशोक चक्र कर दिया गया था
                         अशोक चक्र Bravery Awards  युद्ध क्षेत्र के अलावा किसी अन्य क्षेत्र में विशिष्ट वीरता साहस पूर्ण कार्यों और बलिदान के लिए दिया जाता है,
 
                          अशोक चक्र US थल सेना के शांतिमय समय (peacetime) Medal of Honor और British George Cross के बराबर है,
                           युद्ध के समय दिए जाने वाले मेडल के लिए सशस्त्र बल(WAR TIME) की लायक होते हैं पर शांतिमय समय (peacetime) में दिए जाने वाले मेडल के लिए सशस्त्र बल और आम नागरिक दोनों ही लायक होते है
बनावट :-            अशोक चक्र सोना चढ़ाया हुआ मेडल है जिस की बनावट गोलाकार है और जिसका व्यास 1-3\8 इंच है
                            अशोक चक्र पुरस्कार के प्रथम भाग में और नेट के साथ कमल के फूलों की माला है और पुरस्कार के पीछे के भाग में हिंदी और अंग्रेजी में अशोक चक्र लिखा गया है जिसे दो कमल के फूलों से विभाजित किया गया है
 
रिबन:-                अशोक चक्र के रिबन का रंग गहरा हरा है जिसका केंद्र से 2 mm की सेफ्रॉन पट्टी है और इसका कुल चौड़ाई 32 mm है
                            अशोक चक्र से सर्वप्रथम फ्लाइंग लेफ्टिनेंट सुहास विश्वास को सम्मानित किया गया था और अभी तक अशोक चक्र से कुल 83 लोगों को सम्मानित किया जा चुका है

2. कीर्ति चक्र (KC)

कीर्ति चक्र अशोक चक्र के बाद दूसरे उच्च कोटि पीसटाइम भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) है,
जिसको 4 जनवरी 1952 में अशोक चक्र क्लास-II के रूप में लागू किया गया था और 27 जनवरी 1967 को इसका नाम बदलकर कीर्ति चक्र रख दिया गया था,
                          यह पुरस्कार भी अशोक चक्र की तरह ही युद्ध क्षेत्र के अलावा किसी अन्य क्षेत्र में विशिष्ट वीरता साहस पूर्ण कार्य और आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है|
बनावट :-         अगर बात करें कीर्ति चक्र की बनावट की तो कीर्ति चक्र चांदी का एक गोलाकार पुरस्कार है जिसका व्यास 1-3/8 इंच बनाया गया है|
 
रिबन:-              कीर्ति चक्र में स्थापित रिबन की कुल चौड़ाई 30mm है जिसका रंग गहरा हरा है और इसके केंद्र में 2mm की 2 सेफ्रॉन पट्टियां हैं जो इसे 3 बराबर भागों में विभाजित करती हैं,
                          यह पुरस्कार Colonel Neelakantan Jayachandran Nair एकमात्र ऐसे आर्मी ऑफिसर हैं जिन्हें अशोक चक्र और कीर्ति चक्र दोनों से सम्मानित किया गया है,
जो उन्होंने इंडियन आर्मी का मोस्ट डेकोरेटेड ऑफिसर बनाता है कीर्ति चक्र से अभी तक 200 से भी ज्यादा लोगों को सम्मानित किया जा चुका है|

3.शौर्य चक्र (SRC)

शौर्य चक्र अशोक चक्र और कीर्ति चक्र के बाद तीसरा सबसे उच्च कोटि पीसटाइम पुरस्कार है, शौर्य चक्र भी अशोक चक्र और कीर्ति चक्र की तरह 4 जनवरी 1952 को अशोक चक्र क्लास 3 के नाम पर सामने लाया गया था ,जिसे 27 जनवरी 1967 को उसका नाम बदलकर शौर्य चक्र कर दिया गया था,
                                          शौर्य चक्र Indian Gallantry Awards पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जो दुश्मन के साथ सीधे कार्यवाही ना होने के बावजूद विशिष्ट वीरता साहस पूर्ण कार्यों और आत्म बलिदान का परिचय देते हैं,
बनावट :-                            शौर्य चक्र की बनावट की बात करें तो शौर्य चक्र पीतल का एक गोलाकार पुरस्कार है जिसका व्यास 1-3/8 इंच है
                                       शौर्य चक्र के प्रथम भाग में अशोक चिन्ह अंकित है जो कमल के फूलों से गिरा हुआ है 
और शौर्य चक्र के पीछे के भाग में हिंदी और अंग्रेजी शब्द से शौर्य चक्र लिखा गया है जिसे दो कमल के फूलों से विभाजित किया गया है
रिबन:-                             शौर्य चक्र में स्थापित रिबन की कुल चौड़ाई 30 mm है जिसका रंग गहरा हरा है और रिबन के केंद्र में सैफरन रंग की तीन पट्टीया हैं , जो उसे 4 बराबर भागों में विभाजित करती हैं पट्टीया की चौड़ाई 2 mm है

युद्धकालीन विशिष्ट सेवा पदक

1. सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक

सर्वोत्तम युद्ध सेवा पुरस्कार भारत का सबसे उत्तम सैन्य सम्मान है युद्ध के प्रसंग में यह युद्ध क्षेत्र में संघर्ष या शत्रुता के समय असामान्य शौर्य का परिचय के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है ,
                   यह पुरस्कार युद्ध के समय शांति के समय सर्वोच्च सेवा सम्मान है जो परम विशिष्ट सेवा पदक के समान है मरने के बाद भी सर्वोत्तम युद्ध सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है,
                   यह पुरस्कार भारत के इतिहास में सिर्फ तीन बार दिया गया है इस भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) का सम्मान प्राप्त करने वाले भारतीय अधिकारी हैं, लेफ्टिनेंट जनरल एस कलकट जोकि इंडियन पीसकीपिंग फोर्स आईपीकेएफ के कमांडर थे श्रीलंका में कारगिल युद्ध के दौरान एयर मार्शल विनोद पटने पश्चिम हवाई विभाग के कमांडर थे और लेफ्टिनेंट जनरल एचएम खन्ना उत्तरी थल सेना के कमांडर थे ,युद्ध क्षेत्र में इन महान अधिकारियों ने अपने शौर्य और साहस का परिचय दिया था |
   
बनावट :-       अगर बात करें पुरस्कार के बनावट की तो इसका कुल व्यास 33mm है जोकि सोना चढ़ाया हुआ है इसके प्रथम भाग में राज्य का प्रतीक चिन्ह अंकित किया गया है और शिलालेख लिखा गया है 
जिसे अंग्रेजी में सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल लिखा गया है इसके पीछे के भाग में पांच नुकीला तारा है| 
रिबन:-           प्रस्थापित रिबन सुनहरे रंग का है जिसमें केंद्र में एक लाल खड़ी पट्टी होती है 
जो इसे दो भागों में बराबर विभाजित करती है पसली सोने के रंग की होती है जिसके बीच में एक लाल पट्टी होती है जो इसे दो बराबर भागों में विभाजित करती है|

2.उत्तम सेवा पदक पुरस्कार

उत्तम सेवा पदक Indian Army Gallantry Awards पुरस्कार उन सैनिकों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है जिन्होंने युद्ध क्षेत्र में बहादुरी संघर्ष शत्रुता के दौरान असामान्य आदेश की विशिष्ट सेवा को सम्मान दिया है 
यह सेवा पदक 26 जून 1980 को स्थापित किया गया था |
बनावट :-     पदक का आकार गोलाकार है जिसे 32 mm की चौड़ाई वाली पट्टी पर लगाया गया है और यह सोने के गिल्ट से बना है ,पदक के प्रथम भाग में राज्य का प्रतीक चिन्ह अंकित किया गया है और अंग्रेजी में उत्तम युद्ध सेवा पदक लिखा गया है और पीछे के भाग में पांच नुकीला तारा अंकित किया गया है|
रिबन:-        मेडल में स्थापित रिबन का रंग लाल है जिसमें सुनहरे रंग की दो पट्टियां है जो इसे तीन बराबर भागों में विभाजित करती है,
इस पदक का सम्मान प्राप्त करने के लिए अधिकारी लोगों में थल सेना नौसेना और वायु सेना के सभी रैंक वाले अधिकारी है,जिनमें प्रदेशिक सेना की इकाइयां सहायक और रिजर्व बल और अन्य कानूनी रूप से गठित सशस्त्र बल शामिल हैं |

3. युद्ध सेवा पदक पुरस्कार

युद्ध सेवा मेडल की स्थापना 26 जून 1980 को की गई थी युद्ध सेवा मेडल युद्ध भूमि में वीरता साहस संघर्ष पूर्ण कार्यों और शत्रुता के दौरान विशिष्ट सेवा का परिचय दिए जाने पर इस Indian Army Gallantry Awards पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है
युद्ध सेवा पुरस्कार थल सेना नौसेना और वायु सेना के सभी रैंक के अधिकारियों सैनिकों को दिया जा सकता है
जिनमें प्रदेशिक सेना की इकाइयों में सहायक और रिजर्व बल और अन्य कानूनी रूप से गठित सशस्त्र बल शामिल है सशस्त्र बलों में नर्सिंग अधिकारी और नर्सिंग सेवा के अन्य सदस्य भी शामिल है
बनावट :-   युद्ध सेवा मेडल की बनावट की बात करें तो मेडल का आकार गोलाकार है जिसका व्यास 35 mm है और मेडल पर सोना चढ़ाया गया है
मेडल के प्रथम भाग में राज्य का प्रतीक चिन्ह अंकित किया गया है और ऊपरी गोलाकार रिम के साथ हिंदी अंग्रेजी में युद्ध सेवा मेडल लिखा गया है और इसके पीछे के भाग में 5 नुकीला तारा बनाया गया है 
रिबन:-       मेडल के साथ स्थापित रिबन सोने के रंग का है जिसमें तीन लाल रंग की 2 mm की पट्टियां बनाई गई है जो इसे तीन बराबर भागों में विभाजित करती हैं

शांतिकाल में विशिष्ट सेवा पदक

1. परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)

परम विशिष्ट सेवा मेडल(PVSM) असामान्य क्रम की विशिष्ट सेवा को मान्यता देने के लिए 26 जनवरी 1960 को वीएसएम(VSM) विशिष्ट सेवा मेडल क्लास-I के रूप में सामने लाया गया था 
27 जनवरी 1967 को इसका नाम बदलकर पी वी एस एम(PVSM) परम विशिष्ट सेवा मेडल कर दिया गया था |
बनावट :-   मेडल की बनावट की बात करें तो मेडल का आकार गोलाकार है जिसका कुल व्यास 35mm है और यह सोने की गिल्ट से बना हुआ है,पट्टी में फिट किया गया है, 
                 इसके प्रथम भाग में एक 5 नुकीला कार तारा बनाया गया है और इसके पीछे के भाग में राज्य का प्रतीक चिन्ह अंकित किया गया है , जो कि इसके ऊपरी गोलाकार रिंग के साथ हिंदी में परम विशिष्ट सेवा मेडल लिखा गया है
रिबन:-       मेडल में स्थित रिबन सोने के रंग का है जिसके बीच में एक गहरे नीले रंग की पट्टी होती है जो इसे दो बराबर भागों में विभाजित करती है ,
                  इस मेडल से थल सेना (Army) नौसेना (Navy)और वायु सेना (Air force) के सभी रैंक के अधिकारी और सैनिकों को भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) से सम्मानित किया जा सकता है, जिनमें प्रदेशिक सेना इकाइयां सहायक और आरक्षित बल और अन्य कानूनी रूप से गठित सशस्त्र बल शामिल हैं सशस्त्र बलों में नर्सिंग अधिकारी और नर्सिंग सेवा के अन्य सदस्य भी शामिल हैं जिन को सम्मानित किया जा सकता है

2.अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

अति विशिष्ट सेवा मेडल की स्थापना 26 जनवरी 1960 को की गई थी उस समय इसका नाम वी एस क्लास-II के रूप में किया गया था , अति विशिष्ट सेवा मेडल असामान्य क्रम की विशिष्ट सेवा को मान्यता देने के लिए बनाया गया था, 
                     जिसका नाम 27 जनवरी 1967 को बदलकर ए वी एस एम अति विशिष्ट सेवा मेडल कर दिया गया था,
बनावट :-      बात करें मेडल के बनावट की तो मेडल का आकार गोलाकार है जिसका कुल व्यास 35 MM है और यह मानक फिटिंग के साथ एक सादे 6:30 पट्टी में फिट किया गया है,  यह मेडल चांदी का बना हुआ है इसके प्रथम भाग में 5 नुकीला तारा बना हुआ है और इसके पीछे के भाग में राज्य का प्रतीक चिन्ह बना हुआ है 
साथ ही ऊपरी गोलाकार रिम के साथ  हिंदी में अति विशिष्ट सेवा मेडल लिखा गया है|
रिबन:-         मेडल के साथ स्थापित  रिबन का रंग सोने के रंग का बनाया गया है जिसमें दो गहरे नीले रंग की पटिया बनाई गई है जो इसे तीन बराबर भागों में विभाजित करती है
                  अति विशिष्ट सेवा मेडल पुरस्कार का सम्मान थल सेना वायु सेना और नौसेना के सभी रैंक वाले अधिकारियों को दिया जा सकता है, जिनमें प्रदेशिक सेना इकाइयां सहायक और आरक्षित बल और अन्य कानूनी रूप से गठित सशस्त्र बल शामिल है ,सशस्त्र बलों में नर्सिंग अधिकारी और नर्सिंग सेवा के अन्य सदस्य शामिल हैं जिनको यह सम्मान दिया जा सकता है

3. विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)

विशिष्ट सेवा मेडल वीएसएम भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards) 26 जनवरी 1960 को  विशिष्ट सेवा मेडल क्लास 3 (वीएसएम क्लास-3)  के रूप में सामने लाया गया था, यह मेडल Param Vishisht Seva Medal(PVSM) और Ati Vishisht Seva Medal(AVSM) के बाद तीसरा हाईएस्ट रैंकिंग मेडल है, 
                        जिसका नाम 27 जनवरी 1967 को बदलकर वीएसएम विशिष्ट सेवा मेडल कर दिया गया था|
बनावट :-         अगर बात करें विशिष्ट सेवा मेडल की बनावट की दो मेडल का आकार गोलाकार है, जिसका कुल व्यास 35 mm है जो 136 कार पट्टी से जोड़ा गया है यह मैडम कांसा (Bronze)का बना हुआ है, 
                      मेडल के प्रथम भाग में 5 नुकीला का तारा अंकित किया गया है, और मेडल के पीछे के भाग में राष्ट्रीय चिन्ह अंकित किया गया है जिसके ऊपरी रिम  के साथ विशिष्ट सेवा मेडल वीएसएम हिंदी में लिखा गया है|
रिबन:-             मेडल के साथ जोड़े गए रिबन सोने के रंग का है जिसमें तीन गहरे नीले रंग की पट्टी या है जो इसे 4 बराबर भागों में विभाजित करती है 
                      यदि मेडल प्राप्त करने वाले को फिर से मेडल से सम्मानित किया जाता है तो इस तरह के हर पुरस्कार को एक बार मान्यता दी जाती है जो उस रिबन से जुड़ा होगा जिसके द्वारा मेडल निलंबित किया गया है,
                      विशिष्ट सेवा मेडल  का सम्मान थल सेना वायु सेना और नौसेना के सभी रैंक वाले अधिकारियों को दिया जा सकता है, जिनमें प्रदेशिक सेना इकाइयां सहायक और आरक्षित बल और अन्य कानूनी रूप से गठित सशस्त्र बल शामिल है, सशस्त्र बलों में नर्सिंग अधिकारी और नर्सिंग सेवा के अन्य सदस्य शामिल हैं जिनको यह सम्मान दिया जा सकता है
                     मेडल का पात्र वही हो सकता है जो असामान्य वीरता साहस और संघर्ष पूर्ण कार्यों से अपना परिचय दें

विशिष्ट सेवा और वीरता पदक

1. सेना मेडल (Army) (SM)

 सेना मेडल की स्थापना 27 जून 1960 को की गई थी, भारत सरकार द्वारा भारतीय सेना को उनके द्वारा किए गए, असाधारण कर्तव्यनिष्ठा साहस का परिचय देने वाले विशिष्ट कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है जो सेना के लिए विशेष महत्व रखते हैं |
                     सेना मेडल विशिष्ट वीरता कर्तव्य यह साहस के प्रती असाधारण कार्य पूर्ण करके उनके सेवाभाव का परिचय देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है | 
जो सेना के लिए विशेष महत्व रखते हैं यह पुरस्कार व्यक्ति के निधन उपरांत भी दिया जा सकता है
बनावट :-      अगर बात करें सेना मेडल की बनावट की को मेडल का आकार गोलाकार है, जिसका कुल व्यास 33 mm है और मेडल चांदी का बना हुआ है| मेडल माउंटिंग एक निश्चित रिंग होगी जो अशोक के पत्तों से अलंकृत है, जो 3 mm चौड़ी धातु की पट्टी से जुड़ी होगी | 
मेडल के प्रथम भाग में एक संगीत संगीत उभरा होगा जो ऊपर की ओर इंगित करेगा इसके पीछे के भाग एक सशस्त्र संतरी और ऊपरी रिम  के साथ हिंदी में सेना मेडल लिखा गया है |
रिबन:-        सेना मेडल के साथ स्थापित किए गए रिबन का कलर लाल रंग का है, और जिसके केंद्र में एक पतली सिल्वर ग्रे रंग की पट्टी अंकित की गई |
सेना मेडल विशेष रूप से थल सेना (Indian Army Medals) के सभी रैंक के अधिकारियों और सैनिकों को दिया जा सकता है |

2. नौ सेना मेडल (Navy) (NM)

 नौ सेना मेडल की स्थापना सत्ता 17 जून 1960 को की गई थी, यह पुरस्कार भारतीय नौसेना को सम्मानित करने के लिए दिया जाने वाला भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Bravery Award ) है यह पुरस्कार सैनिकों को उनके निधन के बाद भी दिया जा सकता है|
नौ सेना मेडल विशेष रूप से नौसेना के सभी अधिकारियों और सैनिकों को यह पुरस्कार दिया जा सकता है, यह पुरस्कार किसी भी व्यक्ति को मेडल के बाद के प्रत्येक पुरस्कार के लिए एक बार दिया जाएगा|
बनावट :-        नौ सेना मेडल की बनावट की बात करें तो नौसेना मेडल चांदी से बने घुमावदार पत्तों के साथ आकार में गोलाकार है | 
इसकी सेटिंग एक निश्चित रिंग होती है जो अशोक के पत्तों से अलंकृत है, जो 3 एमएम चौड़ी है धातु की पट्टी से जुड़ी होती है इसके प्रथम भाग में एक नोबेल क्रेस्ट उभरा हुआ होता है |
और इसके पीछे के भाग में एक चक्र और रस्सी के भीतर एक त्रिशूल और ऊपरी रिम के साथ नौसेना मेडल हिंदी में लिखा हुआ होता है |
रिबन:-              नौ सेना मेडल के साथ स्थापित रिबन का रंग नेवी ब्लू है जो कि एक सफेद पतली चांदी की पट्टी पर अलंकृत किया गया है |

3.वायु सेना मेडल (Air Force) (VM)

               वायु सेना मेडल की स्थापना 17 जून 1960 को भारत के राष्ट्रपति द्वार की गई थी और इस भारतीय सेना वीरता पुरस्कार (Indian Army Gallantry Awards ) को सम्मान 1961 में दिया जाने लगा|                          
                 
                  इस सम्मान को आखिरी एक दसक में 2 विभागो में वीरता Bravery और समर्पण के लिए दिया जाता है, हालांकि ये पुरस्कार युद्ध के समय में भी दिया गया है परंतु वीर चक्र जीतना नहीं दिया गया है |
ये मेडल वायु सेना को सम्मान करने के लिए दिया जाता है इस मेडल का सम्मान विशेष रूप से नौ सेना के अधिकारी और सैनिको को दिया जाता है |
बनावट :-      अगर बात करें मेडल के बनावट की तो 5 पॉइंट एक तारा है जो स्टैंडर्ड सिल्वर से बना है अशोक के पत्तों से अलंकृत 3mm चौड़ी धातू  की पट्टी से जुड़ा हुआ है | 
मेडल के प्रथम भाग में अशोक की पत्तियों की एक माला से गिरे हुए केंद्र में राष्ट्रीय चिन्ह अंकित किया गया है ,और इसके पीछे के भाग में हिंदी में वायु सेना मेडल लिखा गया है जिसके साथ हिमालय किनारे का प्रतिनिधित्व किया गया है|
रिबन:-         मेडल के साथ स्थापित रिबन सैफरन और सिल्वर ग्रे पट्टियां की दाएं से बाएं और तिरछी जाती हुई पट्टियां है जो कि 3 mm चौड़ी हैं और कुल रिबन की चौड़ाई 32 mm है |

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